ग्रीष्मकालीन धान की रोपाई पूर्ण रूप से प्रतिबंध, जिलाधिकारी के आदेश।
जनपद उधम सिंह नगर में ग्रीष्मकालीन धान की बिजाई और रोपाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध को लेकर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदोरिया ने आदेश जारी किए हैं, सम्पूर्ण जनपद में 01 फरवरी से 30 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई, रोपाई व नर्सरी लगाना पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगा।
खरीफ में लगने वाले धान हेतु सम्पूर्ण जनपद में धान की सीधी बुवाई 01 मई से 30 जून तक की जा सकेगी, खरीफ में सम्पूर्ण जनपद में धान की नर्सरी लगाने का कार्य 01 मई से 30 जून तक की जा सकेगी, खरीफ में सम्पूर्ण जनपद में धान की रोपाई 01 जून के उपरांत की जा सकेगी,
वही जनपद में उक्त आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तहसीलवार निम्न प्रकार समीतियों का गठन किया जा रहा है, अध्यक्ष सम्बन्धित तहसील के उपजिलाधिकारी, उपाध्यक्ष कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी रुद्रपुर (तहसील-खटीमा/नानकमत्ता/सितारगंज/किच्छा/रूद्रपुर) काशीपुर (तहसील-गदरपुर/बाजपुर / काशीपुर/जसपुर) आदि तहसील शामिल हैं, सम्बन्धित विकासखण्ड में कार्यरत सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1 (विकासखण्ड प्रभारी) / सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-2 (न्यायपंचायत प्रभारी) एवं गन्ना विकास विभाग के सहायक विकास अधिकारी (गन्ना), गन्ना पर्वेक्षक, सदस्य सम्बन्धित क्षेत्र में कार्यरत राजस्व उपनिरीक्षक, उपरोक्त टीम के कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1 एवं वर्ग-2, गन्ना विकास विभाग के सहायक विकास अधिकारी (गन्ना), गन्ना पर्वेक्षक तथा राजस्व उपनिरीक्षक अपने क्षेत्र में नियमित रूप से भ्रमण करेगें।
कृषकों एवं जनप्रतिनिधियों से मिलकर ग्रीष्मकालीन धान को प्रतिबन्धित करने वाले आदेश का प्रचार-प्रसार करेगें और कृषकों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का एवं गन्ना की बुवाई करने को प्रोत्साहित करेगें, यदि किसी ग्राम में किसी कृषक द्वारा धान की नर्सरी तैयार करने की सूचना मिलती है, तो वह तत्काल समिति के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को देगें। समिति अध्यक्ष/उपाध्यक्ष तत्काल पुलिस बल के साथ धान की नर्सरी को नष्ट कराना सुनिश्चित करेगें, समिति के सदस्यों के कार्यक्षेत्र में धान की नर्सरी बुवाई होती है और उसकी सूचना समिति के सदस्य समय से नही देते है तो यह उनकी राजकीय कार्यों के प्रति लापरवाही मानी जाएगी और उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगें।