खड़ी फसल रौंदने पर आक्रोशित किसानों ने माना भ्रूण हत्या के समान
सीएम पुष्कर सिंह धामी के यहां पहुंचने पर उनके समक्ष रखेंगे मामले को
उधम सिंह नगर: खटीमा नेपाल से लगी सीमा दमगड़ा मेलाघाट के अशोक फॉर्म निवासी किरन तलवार की 125 एकड़ भूमि में खड़ी हरी भरी लहलहाती फसल रौंदने के विरोध में महापंचायत आयोजित की गयी। क्षेत्र के किसानों की महापंचायत को तराई के किसानों की सुरक्षा के लहजे से देखते हुए किसानों ने प्रशासन की देखरेख में हुई कार्रवाई को संवैधानिक बताया।
उन्होंने इस गैर कानूनी कार्रवाई के विरोध में सात जनवरी को यहां पहुंचने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष उठाने व पीड़ित किसान को न्याय दिलाने की मांग का निर्णय लिया है। पीड़ित किसान किरन तलवार के फार्म हाउस पर एकत्रित भारतीय जनता पार्टी संयोजक मनोज शाही किसान मोर्चा की मौजूदगी में बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसानों ने प्रतिभा किया। यहां एकत्रित किसानों ने एक स्वर में 125 एकड़ में खड़ी गेहूं, लाई तथा गन्ने की फसल को भारी पुलिस बल व प्रशासन की मौजूदगी में रौंदने के मामले की घोर निंदा की उन्होंने इस मामले को भ्रूण हत्या मानते हुए भ्रूण हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
वक्ताओं ने बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों से फसल रौंदने के मामले की जांच जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यदि भूमि विवाद था तो उस मामले को न्यायालय के आदेश के बाद निपटाया जाना था। लेकिन फसल का नुकसान गैर कानूनी है। महापंचायत में किसानों ने एक मत होकर इस मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के यहां आगमन पर उनके समक्ष रखने व अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर महेंद्र सिंह, दीपक कुमार, मनोज शाही, दीपू मेहरा, रामाधार, सत्यनारायण मौर्य, सुंदर सिंह अन्ना, दया किशन, मलकीत सिंह, गोपाल बोरा, विजय यादव, अमरीक सिंह, चरणजीत सिंह, वचन गुप्ता, सुरजीत सिंह मल्ली, दीपक विश्वास, सुंदर सिंह, सतनामाली, राम भरोसे, प्रेम प्रकाश, खेम सिंह, विजय सिंह, मदन खड़ायत आदि सम्मिलित थे।