चम्पावत बनबसा राजकीय महाविद्यालय में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत तीन महीने के फ्री कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आज के.आई.टी.एम. महाविद्यालय परिसर में हुआ। इस प्रशिक्षण कोर्स में भाग लेने वाली सभी अभ्यर्थियों को केआईटीएम निदेशक ज्योति बिष्ट द्वारा प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
इस सम्मान समारोह में निदेशक ज्योति बिष्ट ने कहा कि डिजिटल साक्षरता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये प्रतिभागिनी भविष्य में शिक्षा, रोजगार और समाज सेवा के क्षेत्रों में बेहतर योगदान देंगी।
राजकीय महाविद्यालय बनबसा की ओर से प्रधानाचार्य आनंद प्रकाश तथा सहायक प्रोफेसर हेम गहतोड़ी भी इस समारोह में उपस्थित रहे। उन्होंने संस्थान द्वारा महिलाओं को तकनीकी कौशल प्रदान करने के काम की सराहना की और भविष्य में इस तरह की पहल जारी रखने का विश्वास जताया।
इस तीन महीने के प्रशिक्षण कोर्स में लगभग 20 छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें उन्हें बेसिक कंप्यूटर ज्ञान, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, ई‑मेल एवं टाइपिंग स्किल्स आदि सिखाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में डिजिटल साक्षरता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
शामिल छात्राओं ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु के.आई.टी.एम महाविद्यालय व राजकीय महाविद्यालय बनबसा के शिक्षकों व निदेशक मंडल का धन्यवाद किया। उन्होंने इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान भविष्य में उनके व्यक्तिगत व व्यावसायिक विकास में सहायक होने की उम्मीद जताई।
इस कार्यक्रम ने स्थानीय युवा लड़कियों को न केवल तकनीकी कौशल से लैस किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और आत्ममूल्य का एहसास भी कराया—बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के मूल मंत्र को व्यवहार में बदलते हुए। कार्यक्रम के आयोजन में किरन शर्मा बतौर एंकर मजूद रहीं तथा के.आई.टी.एम महाविद्यालय के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज की ओर से विभागाध्यक्ष केशव भट्ट मौजूद रहे।
कार्यक्रम में के.आई.टी.एम महाविद्यालय की ओर से प्रशिक्षण देने वाली राखी गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।
