भोजन माताओं की 26000 मासिक मानदेय सहित 11 सूत्रीय मांग,
तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
मांग पूरा न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी
खटीमा। राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत गुरुवार को भोजन माता कामगार यूनियन खटीमा इकाई के बैनर तले संगठन की जिला अध्यक्ष रेखा राणा के नेतृत्व में भोजन माताओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला। वहीं भोजन माताओं ने तहसील परिसर पहुंचकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया तथा अपनी 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।
आक्रोशित भोजन माताओं ने राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने, 26000 रूपए प्रतिमाह न्यूनतम वेतन देने, भविष्य निधि एवं ईएसआईसी की सुविधा देने, भोजन माताओं को पद से हटाने वाले आदेश को तत्काल रद्द करने, निकाली गई भोजन माताओं को वापस कार्य पर रखे जाने, 46 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिश को लागू कर सामाजिक सुरक्षा का लाभ एवं कर्मकार घोषित किए जाने, सेवानिवृत होने पर ग्रेच्युटी व पेंशन का लाभ देने, भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष बनाने, मध्यान्ह भोजन योजना को निजी हाथों में न देने, भोजन माताओं को सालाना 5000 रुपए का बोनस देने, पोलिंग बूथ वाला पैसा उनके खाते में डाले जाने, साल में दो वर्दी देने तथा सचिव स्तर की कमेटी रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांगों का एक ज्ञापन भेज कर जल्द से जल्द मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई।
तथा मांगे पूरा न होने पर उन्होंने भूख हड़ताल की भी चेतावनी दी। वहीं तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने बताया कि भजन माता की मांगे जायज प्रतीत हो रही है। इनके मांग पत्र को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दिया जाएगा। इस मौके पर प्रवीन देवी, मिन्ती देवी, बीना, शांति, पानमती, प्रभावती, ज्ञान्ती, सुधा, शिखा राय, शक्ति फार्म ब्लॉक अध्यक्ष संध्या, मंजीता हलदार, पारुल, शिवानी, सहोदरी, साधना, माधवी राय, तथा दुर्गावती सहित अनेकों भोजन माताएं मौजूद रहीं।