सनातन श्री रामलीला पात्र परिषद द्वारा आयोजित रामलीला का शुभारंभ नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकी की पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। प्रथम दिवस की रामलीला में अहिल्या उद्धार, पुष्पवाटिका प्रसंग, मीना बाजार, सीता स्वयंवर, रावण-बाणासुर संवाद और शिव धनुष खंडन का सजीव मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
अहिल्या उद्धार प्रसंग में दर्शाया गया कि महर्षि गौतम के शाप से शिला बनी अहिल्या वर्षों से प्रभु श्रीराम के चरण स्पर्श की प्रतीक्षा कर रही थी। ऋषि विश्वामित्र के आदेश पर प्रभु राम के चरण स्पर्श से अहिल्या ने पुनः स्त्री रूप धारण कर मोक्ष प्राप्त किया। इस अवसर पर कमेटी के संरक्षक राजीव सिंघल, अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, मनोज वाधवा, संतोष अग्रवाल, विजय गुप्ता, चिरंजीव बत्रा, अजहर सिद्दीकी, पप्पू सक्सेना, प्रदीप गुप्ता, दिगंबर गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंचन का संचालन भगवान दास गुप्ता ने किया। संगीत में हारमोनियम, तबला एवं गिटार पर इंद्रेश गुंबर, मनोज सक्सेना और रोहित रस्तोगी ने संगत की।