मूल मुद्दों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल 27 अक्टूबर को करेगा गैरसैंण विधानसभा का घेराव

मूल मुद्दों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल 27 अक्टूबर को करेगा गैरसैंण विधानसभा का घेराव

उत्तराखंड के ज्वलंत और मूल मुद्दों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। यूकेडी 27 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव करेगा। इसको लेकर शनिवार को अल्मोड़ा जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की एक अहम बैठक संपन्न हुई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने, मूल निवास 1950 लागू करने, सशक्त भू-कानून लागू करने जैसे उत्तराखंड के मूल और भावनात्मक मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव किया जाएगा। यूकेडी ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर लगातार सरकारों ने अनदेखी की है, जबकि यह राज्य आंदोलन की मूल भावना से जुड़े हुए मुद्दे हैं।

बैठक के बाद पदाधिकारियों ने बताया कि अल्मोड़ा जिले से सैकड़ों कार्यकर्ता गैरसैंण के लिए कूच करेंगे। इसमें युवा प्रकोष्ठ, महानगर युवा मोर्चा और जिला पदाधिकारी शामिल रहेंगे। अल्मोड़ा जिले की सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों से यूकेडी के सदस्य बड़ी संख्या में गैरसैंण के लिए प्रस्थान करेंगे।

यूकेडी नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण जिन सपनों और मुद्दों को लेकर हुआ था, वह आज 25 साल बाद भी अधूरे हैं। गैरसैंण को राजधानी घोषित करने की मांग राज्य गठन से ही चली आ रही है। दीक्षांत समारोह में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी तो घोषित कर दिया गया, लेकिन स्थायी राजधानी आज तक घोषित नहीं की गई। इसी तरह मूल निवास 1950 का मुद्दा प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। बाहरी लोगों द्वारा प्रदेश में जमीनों की अंधाधुंध खरीद से राज्य की डेमोग्राफी बदल रही है, इसलिए सशक्त भू-कानून अति आवश्यक हो गया है।

बैठक में केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, केंद्रीय सचिव त्रिलोक लटवाल, जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी, विनय किरौला, जिला महामंत्री देवेश जोशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो उत्तराखंड के मूल मुद्दों के लिए संघर्ष कर रही है। भाजपा और कांग्रेस ने हमेशा उत्तराखंड के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। 27 अक्टूबर को होने वाला विधानसभा घेराव ऐतिहासिक होगा और सरकार को हमारी मांगों पर सोचना पड़ेगा।

केंद्रीय सचिव त्रिलोक लटवाल ने कहा कि अल्मोड़ा जिला यूकेडी का गढ़ रहा है और यहां से सबसे अधिक संख्या में लोग गैरसैंण पहुंचेंगे। जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी ने सभी ब्लॉक अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक लोगों को लाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

यूकेडी ने अल्मोड़ा जिले की जनता, युवाओं, महिलाओं और बुद्धिजीवियों से भी इस घेराव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

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