आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से एससी-एसटी समाज में फूटा गुस्सा, विशाल जूलुस के साथ एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन पत्र,
खटीमा में बुधवार को एससी-एसटी मोर्चा, थारु राणा परिषद, अंबेडकर जन कल्याण समिति तथा भीम आर्मी सहित दलित समाज के विभिन्न संगठनों के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतर कर भारत बंद का समर्थन करते हुए आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 अगस्त 2024 को दिए गए फैसले के खिलाफ रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया तथा संसद सत्र बुलाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने व इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में डालने की मांग को लेकर जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए पीलीभीत रोड से मुख्य चौक होते हुए तहसील परिसर पहुंचे जहां उन्होंने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया।

ज्ञापन के अनुसार सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिया गया निर्णय संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण की मूल भावना के विरुद्ध है तथा एससी-एसटी के आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को प्रभावित करने वाला फैसला है। जिसको लेकर संपूर्ण दलित समाज में व्यापक आक्रोश है। वहीं उन्होंने संसद सत्र बुलाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को निरस्त करने तथा संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है। जिससे एससी-एसटी के आरक्षण की मौजूदा मूल व्यवस्था में कोई व्यवधान न हो।
वहीं उन्होंने चेतावनी दिया कि यदि हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर उतर कर व्यापक रूप से आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अरविंद कुमार, जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस नरेंद्र कुमार आर्य, एसके सेन, दान सिंह राणा, डाक्टर संजय दिवाकर, फूलचंद गौतम, मनोज कोहली, मोती लाल गौतम, साधना सागर, गौर सिंह, महेन्द्र गौतम, नासिर खान, सूरज कुमार, प्रशान्त कोहली, स्नेहा सागर, श्यामा देवी, प्रेम चंद, जय प्रकाश, नीलम सागर, समीता सागर, राहुल कुमार, चन्द्रभान तथा राजपाल गौतम सहित सैंकड़ों लोग मौजूद रहे।
