काशीपुर। मृतक सुखवंत सिंह के मामले में पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसे में पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुरूप ही पुलिस कार्य कर रही थी।
एसपी/सीओ दीपक सिंह ने मीडिया को दी जानकारी में बताया माननीय हाईकोर्ट ने रिट याचिका संख्या डब्ल्यूपीसीआरएल 1534/2025 में 25 नवंबर 2025 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत प्रथम पक्ष अमरजीत सिंह आदि बनाम राज्य सरकार मामले में संबंधित पक्ष को सुरक्षा देने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही काशीपुर थाना प्रभारी को इस आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस अदालत के निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रही थी। पुलिस कानून और न्यायालय के आदेश से बंधी हुई है। इसी दौरान दो पक्ष के बीच लेन-देन से जुड़ा विवाद इतना गंभीर हो गया कि मामला एक दुखद मौत तक पहुंच गया।
मृतक सुखवंत सिंह ने आशीष चौहान व उसके साथियों पर आरोप लगाए थे। वहीं इन्हीं आरोपियों ने पहले ही हाईकोर्ट से प्रोटेक्शन ले लिया था। ऐसे में पुलिस न्यायालय के आदेश के आगे किसी भी प्रकार की मनमानी कार्रवाई नहीं कर सकती थी। कहा जब मामला न्यायालय में होता है, तब किसी व्यक्ति या पद की नही, बल्कि कानून और अदालत के आदेश की सर्वोच्चता होती है। उन्होंने कहा कि भावनाओं से ऊपर उठकर तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए।
वही आम जनता में चर्चा है कि उधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने उधम सिंह नगर जिले का चार्ज संभालते ही अपराधियों पर ताबड़ तोड़ कार्यवाही करी, तथा नशा तस्करों को जेल भेजा गया, एक दुखद घटना के आधार पर पूरे कार्यकाल पर प्रश्न चिन्ह लगाना उचित नहीं है।