जनजाति समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध, आवासीय विद्यालय, छात्रवृत्ति और धर्मांतरण विरोधी कानून पर दिया जोर
उधम सिंह नगर, खटीमा जनजाति समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के बाद सरकार ने समाज के समग्र विकास के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजाति कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षा और छात्रवृत्ति पर विशेष बल
बैठक में जानकारी दी गई कि पूरे देश में जनजाति समाज के बच्चों के लिए आवासीय एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद और क्षेत्र में भी ऐसे विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति स्कूलों को अपग्रेड करने का काम भी चल रहा है।
सरकार का उद्देश्य है कि जनजाति समाज की बेटियों की शिक्षा और विवाह से जुड़ी हर जरूरत में मदद मिले। इसके लिए पहले से लागू योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे। जनजाति गौरव दिवस और मुख्यधारा से जुड़ाव कार्यक्रम में कहा गया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर पूरे देश में जनजाति गौरव दिवस मनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजाति समाज मुख्यधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। धर्मांतरण पर सख्त कानून इस दौरान धर्मांतरण को “समाज के लिए बड़ा षड्यंत्र” बताते हुए कहा गया कि राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून प्रभावी रूप से लागू है। इस कानून के तहत प्रलोभन, बहला-फुसलाकर या डरा-धमकाकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के विरुद्ध कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। वही जानकारी दी गई कि जागरूकता बढ़ने से कई लोग अब पुनः अपने मूल धर्म में लौट रहे हैं। जनहित में अपील प्रशासन ने जनजाति समाज से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें। साथ ही समाज में फैल रही भ्रांतियों से दूर रहकर एकजुटता के साथ विकास कार्यों में भागीदार बनें। बैठक में सांसद प्तिनिधिन रविंद्र सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा राज्य मंत्री रणजीत सिंह नामधारी सहित बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग उपस्थित रहे।
