अंकिता हत्याकांड मामले में न्याय और सीबीआई जांच की मांग
बीजेपी के पूर्व विधायक की पत्नी की ऑडियो की चिंगारी से लोगों के मन की ज्वाला सड़कों पर- कापड़ी
सरकार ने घटनास्थल के कमरों पर बुलडोजर चलाकर की लीपापोती- कापड़ी
कांग्रेसियों का सड़कों पर दिखा भारी आक्रोश, सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन
तहसीलदार के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
खटीमा। बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड मामले में जहां पूरे प्रदेश की जनता में भारी आक्रोश है। वहीं आज खटीमा में भी हत्याकांड में सम्मिलित सभी दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई, हाई कोर्ट के सिटिंग जज के नेतृत्व में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर सड़कों पर भारी आक्रोश दिखा। उप नेता प्रतिपक्ष और खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता विशाल जुलूस की शक्ल में अंकिता को न्याय दो, घटना में शामिल सभी दोषियों को सजा दो के बैनर पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचे जहां उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और तहसीलदार वीरेंद्र सजवान के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन के मुताबिक अंकिता भंडारी हत्याकांड अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है। जिसमें आज भी कई महत्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित बने हुए हैं। ज्ञापन में लिखा है कि प्रकरण में सबसे गंभीर तथ्य यह है कि अंकिता की चैट्स में वीआईपी शब्द का उल्लेख होने के बावजूद आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया वह व्यक्ति कौन था।
इस एंगल की न तो स्वतंत्र जांच हुई और ना ही कोई पारदर्शी जानकारी जनता के सामने रखी गई। इसके अलावा 23 सितंबर 2022 को जब मामला जांचाधीन था तब अपराध स्थल वनंत्रा रिसॉर्ट को बुलडोजर से ध्वस्त कर सीसीटीवी फुटेज, गेस्ट मुवमेंट एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया जिससे यह घटना जांच की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह उत्पन्न करती है।
ज्ञापन के अनुसार मुख्य आरोपी का सत्ताधारी दल से संबंध होना तथा पीड़ित परिवार द्वारा बार-बार उठाए गए सवालों का समाधान ना होना यह दर्शाता है कि राज्य की जांच एजेंसी पर जनता का विश्वास कमजोर हुआ है। उन्होंने वीआईपी एंगल की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और अपराध स्थल को ध्वस्त करने के निर्णय की भी जांच की मांग की। वहीं उप नेता प्रतिपक्ष व खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड में चारों तरफ त्राहिमाम मचा हुआ है और अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है जिसमें महिला अपराध चरम सीमा पर है।
उन्होंने कहा कि अंकिता की हत्या सिर्फ अंकित की हत्या नहीं सती प्रथा पर्दा प्रथा से लड़का लड़की एक समान तक पहुंचने में जो 50 वर्षों से भी अधिक का समय लगा है उसके विश्वास की हत्या है। उन्होंने कहा कि जनता को विश्वास था कि अंकिता हत्याकांड मामले में सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी लेकिन सरकार ने साक्ष्य मिटाने के लिए घटनास्थल के कमरों को बुलडोजर चला कर तोड़ दिया और झूठी वाहवाही लूटी। प्रदेश की जनता अंकिता को न्याय दिलाने और निष्पक्ष व स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर रही लेकिन सरकार ने लिपापोती कर दी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी के ऑडियो की चिंगारी सामने आने से लोगों के मन की ज्वाला आज सड़कों पर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश की महिलाएं बुजुर्ग व समस्त जनता अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़कों पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की किसी भी एजेंसी पर जनता को विश्वास नहीं है। विधायक कापड़ी ने सीटिंग जज के नेतृत्व में सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन चल रहा है और लोगों में भारी आक्रोश है।
उन्होंने हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ उन्होंने कहा कि आज अंकिता को न्याय दिलाने और मामले में सिटिंग जज के नेतृत्व में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर तहसीलदार वीरेंद्र सजवान के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया है। इस मौके पर नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा, पीसीसी बॉबी राठौर, पीसीसी विमला सजवान, उषा सक्सेना, कविता कापड़ी, जसविंदर सिंह पप्पू, दीपक मुंडेला, रमेश रौतेला, नरेंद्र आर्य, नासिर खान, प्रेरणा गुप्ता, दीपक चंद, महेश जोशी, रेहान अंसारी, फईम अंसारी, मोहम्मद ताहिर, पंकज मेहता तथा लक्ष्मण सिंह राणा सहित सैकड़ो कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।