राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के 6 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुड़ाबाँज महाविद्यालय में डिजिटल पोस्टर प्रतियोगित छात्रों ने विकसित भारत 2047 विषय पर दिखाया रचनात्मक कौशल,
अल्मोड़ा, 12 अगस्त को राजकीय महाविद्यालय गुरुड़ाबाँज में अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रणिता नन्द के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। रचनात्मकता और डिजिटल कौशल को मिला मंच
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता और डिजिटल कौशल का विकास करना था। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के प्रति जागरूक करना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका को रचनात्मक माध्यम से प्रस्तुत करना था।

प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार के अवसर, तकनीकी शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं विकसित भारत@2047 जैसे विषयों पर आकर्षक और विषयपरक डिजिटल पोस्टर तैयार किए। विद्यार्थियों ने अपनी मौलिक सोच के माध्यम से शिक्षा के बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया।

स्वाति आर्या रहीं प्रथम निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के आधार पर परिणाम घोषित किए गए। कुमारी स्वाति आर्या, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर* ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुमारी मनीषा शाह द्वितीय और कुमारी मानसी तृतीय स्थान पर रहीं। युवाओं की भूमिका पर दिया जोर इस अवसर पर इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर देवेंद्र कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर विद्यार्थियों के साथ विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है और इसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. गगनप्रीत सिंह और सहसंयोजन सुनील कुमार ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और विद्यार्थियों को दिशा-निर्देश देने में श्रीमती अनीता नेगी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. प्रणिता नन्द ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ राष्ट्रीय नीतियों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं।
