चम्पावत में खेती-किसानी को नई उड़ान: एक किसान की मेहनत बनी मिसाल

चम्पावत में खेती-किसानी को नई उड़ान: एक किसान की मेहनत बनी मिसाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में जनपद तेजी से आगे बढ़ रहा है। कृषि, बागवानी और ग्रामीण आर्थिकी को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार और जिला प्रशासन के प्रयास रंग ला रहे हैं। इसी कड़ी में लोहाघाट विकासखंड के ग्राम मोत्यूराज निवासी प्रगतिशील काश्तकार नरेश सिंह करायत ने अपनी मेहनत और नवाचार से खेती-किसानी की नई मिसाल पेश की है।

नरेश सिंह करायत ने हाल ही में जिलाधिकारी मनीष कुमार से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जिलाधिकारी ने उन्हें सम्मानित करते हुए कृषि, बागवानी, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे उनके उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की।

5000 से अधिक फलदार पौधों से लहलहा रहा बागान
नरेश सिंह उद्यान विभाग के सहयोग से एप्पल मिशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर बड़े स्तर पर फल उत्पादन कर रहे हैं। उनके बगीचे में आयातित प्रजातियों सहित सेब के लगभग 3500 पौधे, 500 कीवी के पौधे तथा नींबू, चेरी और अन्य फलदार प्रजातियों को मिलाकर 5000 से अधिक पौधे लहलहा रहे हैं। इस वर्ष उनके बगीचे में लगभग 15 क्विंटल सेब और 4 से 5 क्विंटल कीवी का उत्पादन हुआ है। फलों की तुड़ाई का कार्य भी शुरू हो चुका है।

पशुपालन और कुक्कुट पालन में भी बनाई पहचान
नरेश ने बागवानी के साथ-साथ पशुपालन और कुक्कुट पालन को भी अपनी आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। उनके पास लगभग 10 दुधारू गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 40 से 45 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसकी आपूर्ति डेयरी में की जा रही है। वहीं, उनके पोल्ट्री फार्म में करीब 500 मुर्गियां हैं, जिनसे प्रतिदिन 150 से 200 अंडों का उत्पादन हो रहा है।

उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनसे प्रेरित होकर आसपास के गांवों के 10 अन्य काश्तकारों ने भी कृषि और बागवानी के क्षेत्र में काम शुरू कर दिया है।

200 गांवों में 10 करोड़ से होगी खेतों की घेराबंदी
इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और जिला योजना के अंतर्गत लगभग 200 गांवों में खेतों की घेराबंदी के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस कार्य में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से भी सहयोग जुटाया जा रहा है।

कीवी, ड्रैगन फ्रूट और मौन पालन को मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों और अनुकूल जलवायु को देखते हुए उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत कीवी, पार्सिमोन, लिलीयम फूल, अंगूर और ड्रैगन फ्रूट की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही तेजपत्ता की उन्नत नर्सरियों के विकास और सुगंधित पौधों की खेती पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के माध्यम से प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, मधुमक्खी पालन यानी मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज पर भी कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन नियमित रूप से कृषक बैठकों का आयोजन कर किसानों की समस्याओं का समाधान भी कर रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि नरेश सिंह करायत जैसे प्रगतिशील काश्तकार जनपद के अन्य किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *