खटीमा: शिकारी के देसी जुगाड़ जाल में फंसा तेंदुआ, वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू किया।
खटीम के ग्राम भगचुरी में गेहूं के खेत में शिकारियों द्वारा वन्य जीव का शिकार करने के लिए देसी जुगाड़ लगाया गया था, जिसमें तेंदुआ फंस गया और निकलने की कोशिश में तेंदुआ का एक पैर जख्मी हो गया। घटना की सूचना से क्षेत्र में दहशत फैल गई तथा वन विभाग में हड़कंप मच गया। तेंदुआ को देखने के लिए घटनास्थल पर लोगों का तांता लगा रहा। ग्राम भगचुरी में गेंहूं के खेत के किनारे देर रात शिकारियों द्वारा वन्यजीव पकड़ने के लिए देसी जुगाड़ शिकंजा लगाया गया था,
जिसमें तेंदुआ फंस गया। वहीं तेंदुए को फंसा देखकर शिकारी मौके से फरार हो गए। कटका में फंसा तेंदुआ बाहर निकलने के लिए पूरी रात संघर्ष करता रहा जिससे तेंदुए का एक पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। सुबह जब ग्रामीणों ने छटपटाता हुआ तेंदुआ देखा तो क्षेत्र में दहशत फैल गयी। वहीं घटना की सूचना ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार द्वारा खटीमा वन विभाग को दी गई। सूचना से वन विभाग में हड़कंप मच गया।
सूचना पर खटीमा उपप्रभागीय वनाधिकारी संचिता वर्मा तथा वन क्षेत्राधिकारी जीवन चंद्र उप्रेती टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल पर डेरा डाल दिया। वहीं तेंदुएं की सुरक्षा के लिए व भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस फोर्स को भी बुलाना पड़ा। वन विभाग की टीम ने कई बार तेंदुआ पकड़ने के लिए प्रयास किया, लेकिन खूंखार हो चुके तेंदुआ ने वन विभाग की टीम को घटनास्थल पर भटकने तक नहीं दिया। अंत में हल्द्वानी से वाइल्डलाइफ टीम को मौके पर बुलाना पड़ा। वरिष्ठ पशु चिकित्सक
तरून गर्ग के नेतृत्व में टीम सहायक वरिष्ठ चिकित्सक राहुल सती ने तेंद. आ को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया। इसके उपरांत कटका शिकंजा से तेंदुए के पैर को बाहर निकालने वन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद पिंजरें में कैद कर खटीमा ले जाया गया।
दौरान खटीमा उपप्रभागीय वनाधिकारी संचिता वर्मा, खटीमा वन क्षेत्राधिकारी जीवन चंद्र उप्रेती, वन दरोगा धन सिंह अधिकारी, वन दरोगा यूपी पीलीभीत, डब्ल्यूटीआई राघवेंद्र सिंह, चेतन कुमार, जीत प्रकाश, रुस्तम फील्ड ऑफिसर, अरुन कुमार, चंचल दानू, कैलाश सिंह, एसआई ललित सिंह बिष्ट, एएसआई पूरन चंद्र पांडेय, कांस्टेबल विपिन कुमार तथा त्रिभुवन पलड़िया आदि उपस्थित रहे।
