विधानसभा सत्र को लेकर कापड़ी ने सरकार पर साधा निशाना, भ्रष्टाचार पर चर्चा से भागने का लगाया आरोप

विधानसभा सत्र को लेकर कापड़ी ने सरकार पर साधा निशाना, भ्रष्टाचार पर चर्चा से भागने का लगाया आरोप

खटीमा। गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित होने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र की कम अवधि और जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने को लेकर खटीमा विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन चंद्र कापड़ी ने शुक्रवार को कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।

विधायक कापड़ी ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा सत्र को महज औपचारिकता बनाकर रख दिया है। सत्र का पहला दिन शोक संवेदनाओं में बीत गया, जबकि दूसरे दिन विपक्ष ने भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने चर्चा कराने के बजाय इससे किनारा कर लिया।

कापड़ी ने कहा कि एक मंत्री पर उनके ही पति ने 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वहीं, हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक अन्य मंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा एक मंत्री द्वारा अपने आश्रम के लिए सरकारी खजाने से सात करोड़ रुपये जारी करने का मामला भी बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है और चर्चा से भाग रही है।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में जहां प्रतिवर्ष 25 से 30 दिन विधानसभा सत्र चलता है, वहीं उत्तराखंड में महज पांच से आठ दिन ही सत्र चलाया जाता है। इससे साफ है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती। सरकार का उद्देश्य बजट का सदुपयोग करने के बजाय जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट करना है।

कापड़ी ने कहा कि कांग्रेस ने सत्र में बेरोजगारी, महंगाई, आपदा, किसानों की समस्याओं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाना चाहा, लेकिन सरकार ने विपक्ष की आवाज दबाने का काम किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

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