माँ गोमती के उद्गम स्थल माधौटांडा में गूंजा शौर्य का जयघोष,अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने किया भव्य शस्त्र पूजन
संवाददाता। अरविन्द कुमार, न्यूज लाइव हिन्दी
माधौटांडा (पीलीभीत)। पतित पावनी माँ गोमती के पावन उद्गम स्थल माधौटांडा में 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी (दशहरा) के अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में भव्य जिला स्तरीय शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, शौर्य और क्षत्रिय परंपराओं को समर्पित इस आयोजन में सनातन संस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से क्षत्रिय समाज के लोग सपरिवार शामिल हुए।दशहरे के पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर समाज के लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शस्त्र पूजन के माध्यम से समाज की प्राचीन परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन किया गया। उपस्थित लोगों ने शस्त्रों को शक्ति, साहस, आत्मरक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रतीक के रूप में देखते हुए अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा है, जो साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती है।वक्ताओं ने क्षत्रिय समाज की गौरवशाली परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, संस्कारों और राष्ट्र के प्रति समर्पण में निहित है। नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।माँ गोमती के उद्गम स्थल पर आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम ने धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को विशेष पहचान दी। आयोजन के माध्यम से क्षत्रिय समाज में आपसी भाईचारे, संगठनात्मक एकता और सनातन परंपराओं के प्रति निष्ठा का संदेश प्रसारित हुआ।