800 साल पुराने राजबुंगा किले का होगा कायाकल्प, 4.91 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार
जिले की ऐतिहासिक धरोहर करीब 800 वर्ष पुराने राजबुंगा किले को नई पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किले के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए 4 करोड़ 91 लाख 30 हजार रुपये की योजना तैयार की गई है।

चंद वंश के राजा सोमचंद से जुड़ा राजबुंगा किला चम्पावत की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योजना के तहत किले के मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए इसे प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत परिसर में पुरातात्विक संग्रहालय, आर्ट एवं एग्जीबिशन गैलरी और ओपन-एयर एम्फीथिएटर का निर्माण किया जाएगा। साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफे, टिकट काउंटर, सार्वजनिक सुविधाएं, लैंडस्केप और वॉकवे भी विकसित किए जाएंगे।


जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और कार्य समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
किले के विकसित होने से जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और होटल, होमस्टे, हस्तशिल्प व खानपान जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।