चम्पावत में चुनाव से लेकर विकास कार्यों तक प्रशासन सतर्क, डीएम के सख्त निर्देश
सीमांत जनपद चम्पावत में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से लेकर विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण तक जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रशासन ने एक साथ कई मोर्चों पर बैठकें कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वीप के तहत मतदाता जागरूकता पर जोर
आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर मतदाता जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह की अध्यक्षता में स्वीप कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में रंगोली, पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम जनता को मतदान के प्रति जागरूक किया जाए। प्रत्येक पात्र मतदाता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दोनों विधानसभा क्षेत्रों और ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। स्वीप कार्यक्रम के तहत युवा, महिला और दिव्यांग मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा।
नमामि गंगे को लेकर डीएम सख्त
वहीं जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला गंगा समिति एवं नमामि गंगे कार्यक्रम की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने नदियों और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने नगर निकायों में पुराने कचरे (लेगेसी वेस्ट) का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर समय से सुरक्षात्मक कार्य करने को कहा। इसके साथ ही चम्पावत, लोहाघाट, टनकपुर, पूर्णागिरि मंदिर क्षेत्र तथा बनबसा में प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। बैठक में चम्पावत वन प्रभाग के 30, तराई पूर्वी वन प्रभाग के 5 और हल्द्वानी वन प्रभाग के 6 प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई। कई मामले सड़क, पेयजल, पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े हुए हैं, जो वन भूमि की स्वीकृति न मिलने से लंबित हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय से आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और परिवेश पोर्टल पर लंबित औपचारिकताएं समय से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता से सीधे जुड़े हैं, इसलिए सभी विभाग समन्वय बनाकर प्रस्तावों को जल्द स्वीकृत कराएं।
कुल मिलाकर चम्पावत जिला प्रशासन का फोकस आगामी निर्वाचन में जनभागीदारी बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने और जनहित से जुड़े विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर है।