- रामलीला मैदान
- बुराड़ी ग्राउंड
- CBD ग्राउंड, पूर्वी दिल्ली
आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP अलग से जारी की जाएगी। फिलहाल उपलब्ध आदेश में नई जगहों पर प्रदर्शन आयोजित करने की पूरी प्रक्रिया और अनुमति से जुड़ी विस्तृत शर्तें नहीं दी गई हैं। जंतर-मंतर को सूची से हटाने का फ़ैसला सीजेपी और दिल्ली पुलिस के बीच प्रदर्शन की अनुमति को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। सीजेपी के नेता जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं और इसके लिए पुलिस से अनुमति तथा तारीख़ माँग रहे हैं, सीजेपी के नेता सोमवार को संसद मार्ग पुलिस थाने से बाहर आए और उन्होंने दोबारा कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहती है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास के मुताबिक, सीजेपी ने पुलिस को औपचारिक रूप से अपनी योजना की जानकारी दी थी और प्रदर्शन के लिए तारीख़ तय करने का अनुरोध किया था।
सीजेपी के नेता सोमवार को संसद मार्ग पुलिस थाने से बाहर आए और उन्होंने दोबारा कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहती है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास के मुताबिक, सीजेपी ने पुलिस को औपचारिक रूप से अपनी योजना की जानकारी दी थी और प्रदर्शन के लिए तारीख़ तय करने का अनुरोध किया था।
सीजेपी के नेता सोमवार को संसद मार्ग पुलिस थाने से बाहर आए और उन्होंने दोबारा कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहती है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास के मुताबिक, सीजेपी ने पुलिस को औपचारिक रूप से अपनी योजना की जानकारी दी थी और प्रदर्शन के लिए तारीख़ तय करने का अनुरोध किया था।
🚨STATEMENT🚨
Unacceptable.
Why is Narendra Modi scared of Jantar Mantar?
The Jantar Mantar belongs to THE PEOPLE OF INDIA. Did the Ministry of Home Affairs consult with the people of India? Were any stakeholders consulted? Were any organisations consulted?
Take it in writing—just how they are denotifying people’s Jantar Mantar, the Prime Minister will soon denotify democracy in India. This move is a step towards that.
We do not accept this arbitrary decision. It is an assault on people’s fundamental right to protest and peaceful assembly. Ab poora desh Jantar Mantar ban raha he!
@Cockroachisback
— Saurav Das (@SauravDassss) October 12, 2026
लोकतंत्र को डी-नोटिफाई कर देंगे?
सौरव दास ने कहा, ‘लिखकर ले लीजिए—जिस तरह वे लोगों के जंतर-मंतर को डी-नोटिफ़ाई कर रहे हैं, वैसे ही प्रधानमंत्री जल्द ही भारत में लोकतंत्र को भी डी-नोटिफ़ाई कर देंगे। यह कदम उसी दिशा में एक शुरुआत है। हम इस मनमाने फ़ैसले को स्वीकार नहीं करते। यह विरोध करने और शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने के लोगों के मौलिक अधिकार पर हमला है। अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बन रहा है!’ अभिजीत दिपके ने भी पीएम मोदी पर बड़ा हमला किया।
Fattu Nandu
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 12, 2026
गृह मंत्रालय की समिति की सिफ़ारिश पर बदला गया स्थान
दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थानों का चयन केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत बनी समिति की सिफ़ारिशों के आधार पर किया गया है। जंतर-मंतर मध्य दिल्ली के एक संवेदनशील और कड़ी सुरक्षा वाले इलाके में है। अब तक इसे विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। नए आदेश के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को नई निर्धारित जगहों के तौर पर शामिल किया गया है।
SIR और ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर विरोध
यह बदलाव तब हुआ है, जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष तथा सीजेपी विरोध कर रहे हैं। SIR मतदाता सूचियों की विशेष गहन जाँच और संशोधन की प्रक्रिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिये वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की माँग भी कर रहा है। चुनाव आयोग इन आरोपों को ख़ारिज करता रहा है। ऐसे में SIR की प्रक्रिया, चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। INDIA गठबंधन ने इन मुद्दों पर विरोध मार्च का ऐलान किया है। दूसरी ओर, CJP जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति माँग रही है। ऐसे माहौल में राजधानी में प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था बदलने के फ़ैसले ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।