चम्पावत में विकास की तीन बड़ी पहल: भोलेश्वर मंदिर को 25 लाख, प्रगतिशील किसान सम्मानित, 242 श्रमिकों को मिलीं किट
सीमांत जनपद चम्पावत से विकास और जनकल्याण से जुड़ी तीन अहम खबरें सामने आई हैं। सरकार और प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास से लेकर किसानों के प्रोत्साहन और श्रमिक कल्याण तक विभिन्न क्षेत्रों में ठोस पहल की जा रही है।
भोलेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण को 25 लाख स्वीकृत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत भगीनाखेत स्थित प्रसिद्ध भोलेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए शासन ने 25 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा कराए जाने वाले इस कार्य से मंदिर परिसर का कायाकल्प होगा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। शासन ने कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ही नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। मंदिर के सौंदर्यीकरण से स्थानीय लोगों में खुशी है और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने की उम्मीद है।
प्रगतिशील किसान भीम सिंह महर सम्मानित
वहीं दूसरी ओर ग्राम कठनौली के प्रगतिशील काश्तकार भीम सिंह महर को उनके नवाचारों के लिए सम्मानित किया गया है। भीम सिंह महर ने जिलाधिकारी मनीष कुमार से मुलाकात कर कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में किए जा रहे अपने प्रयोगों की जानकारी साझा की। वर्ष 2020 से खेती और बागवानी में सक्रिय महर अपने बगीचे में ग्रैनी स्मिथ किस्म के सेब का उत्पादन कर रहे हैं, साथ ही जैविक पद्धति से मटर की खेती भी कर रहे हैं। उन्होंने अपने उत्पादों के नमूने भी जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और हरसंभव प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसान अन्य किसानों के लिए प्रेरणा हैं।
242 श्रमिकों को वितरित कीं 849 किट
इधर, न्याय पंचायत मोहनपुर के ग्राम नायकगोठ में आयोजित शिविर में निर्माण श्रमिकों को राहत पहुंचाई गई। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत 242 श्रमिकों को कुल 849 किट वितरित की गईं। इनमें बच्चों की शिक्षा के लिए 365 शिक्षण किट, परिवारों के पोषण के लिए 242 पोषण किट और स्वच्छता के लिए 242 स्वच्छता किट शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य श्रमिक परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना और बच्चों की शिक्षा, पोषण एवं स्वच्छता को प्रोत्साहित करना है। शिविर में श्रमिकों ने कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
कुल मिलाकर चम्पावत में धार्मिक स्थलों का विकास, किसानों के नवाचारों को प्रोत्साहन और श्रमिक परिवारों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।