बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी केस: प्रमोद नौटियाल को हाईकोर्ट से मिली जमानत, ये 5 शर्तें भी लगाईं

नैनीताल। बद्रीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में बंद आरोपी प्रमोद नौटियाल को उत्तराखंड हाईकोर्ट से शुक्रवार को सशर्त जमानत मिल गई। जस्टिस आलोक महरा की बेंच ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली। मामले के अनुसार, इस वर्ष बद्रीनाथ थाने में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306, 316(5), 317(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर आरोप था कि मंदिर में ‘थाली भेंट गणना’ के दौरान वे कुछ धनराशि लेते हुए दिखाई दिए थे।

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12 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोपी को 12 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उनकी निशानदेही पर पांच हजार रुपये की कथित बरामदगी गिरफ्तारी के 16 दिन बाद यानी 28 जुलाई 2026 को बद्रीनाथ मंदिर की एक धर्मशाला के कमरे से दिखाई गई। यह एक सार्वजनिक स्थान था और जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही आम थी। इसके अलावा, आरोपी के आवास से एक शालिग्राम के अलावा कोई अन्य आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई थी। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि आरोपी देहरादून का स्थायी निवासी है। इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, इसलिए मुकदमा चलने में लंबा समय लगने की संभावना है।

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केस के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा: हाईकोर्ट
राज्य सरकार ने आरोपी की जमानत का विरोध किया, लेकिन अभियोजन पक्ष ने आरोपपत्र दाखिल होने और गिरफ्तारी के काफी समय बाद कथित बरामदगी किए जाने के तथ्य से इनकार नहीं किया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गिरफ्तारी और बरामदगी के बीच के समयांतराल, आरोपों की प्रकृति, हिरासत की अवधि और मामले की समग्र परिस्थितियों को आधार बनाते हुए जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इन 5 शर्तों पर मिली जमानत
1. आरोपी गवाहों को धमकाएगा नहीं।
2. साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा।
3. बिना पूर्व अनुमति देश नहीं छोड़ेगा।
4. ट्रायल में पूरा सहयोग करेगा।
5. अपना वर्तमान पता व मोबाइल नंबर जांच अधिकारी व अदालत को उपलब्ध कराएगा।

कोर्ट ने कहा कि शर्तों का उल्लंघन होने पर अभियोजन पक्ष उनकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकेगा।

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