स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती शिशु मंदिर में कन्या पूजन एवं स्वरूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन

पीलीभीत।मझोला। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती शिशु मंदिर में कन्या पूजन एवं स्वरूप सज्जा कार्यक्रम हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से जुड़े इस कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, मनमोहक प्रस्तुतियों और धार्मिक भावनाओं से पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय नजर आया।कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य धनपाल सिंह तथा निर्णायक मंडल की सदस्य बबीता एवं शालू शुक्ला ने मां शारदे के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित करके किया। इसके बाद आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति, शक्ति उपासना और वीरता के प्रतीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को भारतीय परंपराओं, धार्मिक आदर्शों और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भैया-बहनों द्वारा धारण किए गए मां दुर्गा एवं भगवान हनुमान के स्वरूप रहे। बच्चों ने आकर्षक वेशभूषा के साथ अपने-अपने स्वरूपों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

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उनके आत्मविश्वास, भाव-भंगिमा और प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की सज्जा, प्रस्तुति और भाव-भंगिमा का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद विजेताओं का चयन किया।स्वरूप सज्जा प्रतियोगिता में मां दुर्गा के स्वरूप के लिए माही ने प्रथम, सुखप्रीत कौर ने द्वितीय तथा छवि गौतम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।वहीं, हनुमान चालीसा प्रतियोगिता में विनय प्रथम,युवराज द्वितीय और सत्यम तृतीय स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल ने विजेता भैया-बहनों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में मां दुर्गा की भव्य आरती की गई। इसके उपरांत हनुमान चालीसा का पाठ एवं आरती का गायन हुआ। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर ‘जय माता रानी’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयकारों से गूंज उठा। धार्मिक वातावरण के बीच सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजिका सुरेखा मौर्य का विशेष योगदान रहा। आयोजन के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, मातृशक्ति के सम्मान और भगवान हनुमान के आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया गया।इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ तथा बड़ी संख्या में भैया-बहन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भक्तिमय वातावरण और उत्साह के साथ हुआ।

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